लौकिक शिक्षा (COSMIC/COLLEGE EDUCATION)
आधुनिक युग के अनुरूप सर्वोन्मुखी विकास के साथ-साथ जीवनयापन करने के लिए लौकिक शिक्षा के क्षेत्र में भी विकास की आवश्यकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए मथुरा शहर के विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों में योग्यतानुसार वाणिज्य(commerce), विज्ञान(science) एवं कला(Art’s) आदि विषयों की शिक्षा दिलवाकर स्नातक(Graduation) की उपाधि(Degree) दिलवाना।

धार्मिक/गुरुकुल शिक्षा (RELIGIOUS/HOSTEL EDUACTION)
गुरुकुल के उद्देशानुसार छात्रों के मानवीय गुणों के विकास हेतु धार्मिक परिप्रेक्ष्य से जोड़कर धर्म के प्रति रूचि बढ़ाते हुए आगमानुकूल जैन ग्रंथों का योग्य विद्वानों के द्वारा अध्ययन कराया जाता है ताकि छात्र योग्य श्रावक बनकर समाज का मार्ग प्रशस्त करें-

  वर्ष                       विषय
प्रथम     – बालबोध -1 & 2,  छहढाला,  द्रव्यसंग्रह
द्वितीय   – तत्वार्थ सूत्र,  रत्नकरण्डक श्रावकाचार
तृतीय    – सर्वार्थसिद्धि,  पुरुषार्थ-सिद्धि-उपाय
चतुर्थ     – जैन-तत्व-विद्या,  जैन-सिद्धांत-प्रवेशिका
पंचम     – करणानुयोग दीपक-1,  कुन्द-कुन्द का कुंदन

सप्ताहांत एवं समयानुकूल वास्तु विज्ञान, ज्योतिष शास्त्र, विधि-विधान, संगीत आदि अनेक विधाओं की शिक्षा प्रदान की जाती है।