आवास –
आधुनिक परिप्रेक्ष्य के अनुरूप दो मंजिलों(तीसरी मंजिल निर्माणाधीन) से सुसज्जित 90 छात्रों को रहने के लिए 20 बड़े कमरों से युक्त भवन है प्रत्येक कमरे में 4-5 छात्रों के रहने एवं पढ़ने हेतु पलंग, टेबिल-कुर्सी, सामान रखने हेतु लोहे की अलमारी युक्त समस्त सुविधाओ से सुशोभित है।
भोजनालय –
आचार-विचार से युक्त छात्रों के भोजन हेतु अलग से वृहद आकर का भवन है जिसमे एक साथ 150 छात्र भोजन ग्रहण करते है।
पुस्तकालय (लाइब्रेरी) एवं वाचनालय –
छात्रों के अध्ययन हेतु, देश-विदेश की ख़बरों एवं सामान्य ज्ञान से जोड़ने हेतु वाचनालय, धार्मिक एवं लौकिक ज्ञान की बृद्धि हेतु पुस्तकालय अनेकानेक सुविधाओं से संपन्न है।
कंप्यूटर लैब –
आधुनिक विज्ञान एवं शिक्षा के अनुरूप विद्यार्थियों के लिए 10 कंप्यूटर से युक्त लैब की सुविधा है।
……….सांस्कृतिक कार्यक्रमों, धार्मिक शिक्षण, प्रवचन आदि अन्य विविध कार्यक्रम की प्रस्तुति हेतु सभागृह, शिक्षक निवास, गुरुकुल के सञ्चालन हेतु कार्यालय, अतिथि कक्ष आदि व्यवस्थाएं संचालित है। छात्रों के मनोरंजन, मानसिक, बौद्धिक एवं शारीरिक विकास के लिए सम्पूर्ण खेलों की व्यवस्था भी है

धार्मिक शिक्षण – प्रशिक्षण शिविर –
जैन संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन व धार्मिक ग्रंथों एवं सिद्धांतों की जानकारी के लिए बालक, युवाओं, एवं प्रौढ़ श्रावकों को धर्म में सम्यक श्रद्धा जागृत करने तथा अहिंसा प्रधान धर्म की अभिवृद्धि हो, इसके लिए संस्थान द्वारा सम्पूर्ण भारत में विभिन्न स्थानों पर धार्मिक शिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाता है।
पर्वों पर प्रवचन, विधि-विधान आदि अनुष्ठान –
पर्युषण पर्व, अष्टान्हिका पर्व, शादी-विवाह आदि धार्मिक अनुष्ठानों के अवसरों पर संस्था द्वारा सम्पूर्ण भारतवर्ष के लगभग ८० स्थानों पर प्रवचनार्थ एवं विधि-विधान हेतु विद्वान शिक्षकों एवं अध्ययनरत विद्वानों को भेजा है। इस तरह अखिल भारतीय स्तर पर विभिन्न नगरों में जाकर विद्वान धर्म की प्रभावना करते है।