संस्था का मूल उद्देश आगमानुकूल श्रमण परम्परा को संरक्षित करना तथा समाज में धार्मिक विचारों के प्रचार-प्रसार हेतु हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम से आधुनिक शिक्षा संपन्न आत्मनिर्भर व्यक्तित्व तैयार करना। साथ ही समाज में फैल रही भौतिकता आज के युवा वर्ग को जीवन विकास मार्ग से विचलित कर रही है अतः उन्हें उस मार्ग से हटाकर समीचीन मार्ग की ओर प्रशस्त करके धार्मिक ज्ञान, सदविचार एवं संस्कारों से परिपूर्ण श्रावक व विद्वान तैयार कर समाज को समर्पित करना ताकि ये युवक रोजगार परक जीवन यापन करें और धर्म की प्रभावना बनी रहीं।